ए मेरे हमसफर
एक नया इंतजार सुन सदाएं दे रही हैं मंजिल प्यार की
अब है जुदाई का मोसम, दो पल का मेहमा
केसे ना
जायेगा अँधेरा, क्यों ना थमेगा तूफान
कैसे ना
मिलेगी मंजिल प्यार की
ए मेरे हमसफर
एक नया इंतजार सुन सदाएं दे रही हैं मंजिल प्यार की
प्यार ने जहाँ पे रख्खा है, झूम के कदम एक बार
वही से खुला
है कोई रास्ता, वही पे गिरी है दीवार
रोके कब रुकी
है मंजिल प्यार की
ए मेरे हमसफर
एक नया इंतजार सुन सदाएं दे रही हैं मंजिल प्यार की
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