तू जो हस हस
के सनम मुझसे बात करती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
तेरी चाहत जो मेरे साथ साथ चलती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
मैने एक बार नही बार बार देखा है,
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
तेरी चाहत जो मेरे साथ साथ चलती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
मैने एक बार नही बार बार देखा है,
तेरे हाथो मे
मेरे प्यार की जो रेखा है..
मैने एक बार
नही बार बार देखा है,
तेरे हाथो मे
मेरे प्यार की जो रेखा है..
तेरी खुशबू मेरी सांसो मे जो महेकती है,
तेरी खुशबू मेरी सांसो मे जो महेकती है,
बस यही बात
ज़माने को बुरी लगती है..
मेरे हमदर्द तू समझा दे दिल दीवाने को,
हर भली चीज़ बुरी लगती है ज़माने को..
मेरे हमदर्द तू समझा दे दिल दीवाने को,
हर भली चीज़ बुरी लगती है ज़माने को..
मेरे हमदर्द
तू समझा दे दिल दीवाने को,
हर भली चीज़ बुरी लगती है ज़माने को..
मेरी राग राग मे वफ़ा बनके लहू बहती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
मै तेरे ख्वाब सजाता हू अपनी आंखो मे,
नाम आ जाता है तेरा मेरी हर बातो मे..
हर भली चीज़ बुरी लगती है ज़माने को..
मेरी राग राग मे वफ़ा बनके लहू बहती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
मै तेरे ख्वाब सजाता हू अपनी आंखो मे,
नाम आ जाता है तेरा मेरी हर बातो मे..
मै तेरे
ख्वाब सजाता हू अपनी आंखो मे,
नाम आ जाता है तेरा मेरी हर बातो मे..
तेरी तारीफ़ मेरे लैब से जो निकलती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
तू जो हस हस के सनम मुझसे बात करती है
तेरी चाहत जो मेरे साथ साथ चलती है
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
नाम आ जाता है तेरा मेरी हर बातो मे..
तेरी तारीफ़ मेरे लैब से जो निकलती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
तू जो हस हस के सनम मुझसे बात करती है
तेरी चाहत जो मेरे साथ साथ चलती है
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
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