छोटी सी दुनिया मुहब्बत की है मेरे पास और तो कुछ नहीं है-2
छोटी सी दुनिया मुहब्बत की है मेरे पास और तो कुछ नहीं है
लेकिन ये दावा है मेरा चाहत का एसा बसेरा
सरे जहाँ में नहीं है, खुशियों की दौलत यही है
छोटी सी दुनिया मुहब्बत की है मेरे पास और तो कुछ नहीं है
होकर के हम एक दूजे के दुःख सुख के साथी बनेंगे
मिट जाएगी उलझने सब मिलकर जो हम तुम चलेंगे
रुत जाएगी जब बहारों की मस्ती में घूमा करेंगे
दिन रत होंटो पे अपने चाहत के नगमे खिलेंगे
बेचैन जो दिल मिलेंगे
छोटी सी दुनिया मुहब्बत की है मेरे पास और तो कुछ नहीं है
जो कमाके में लाऊंगा, लाकर तुझी को में दूंगा
तू जब उडा देगी सब कुछ, मै तुझसे झगडा करूँगा
जब तुम खफा होंगे मुझसे, कुछ पल में रूठी रहूंगी
फिर दिल ही दिल में म्हालती, शरमा के सॉरी कहूँगी
आकर गले से लगूंगी
छोटी सी दुनिया मुहब्बत की है मेरे पास और तो कुछ नहीं है
लेकिन ये दावा है मेरा चाहत का एसा बसेरा
सरे जहाँ में नहीं है, खुशियों की दौलत यही है
छोटी सी दुनिया मुहब्बत की है मेरे पास और तो कुछ नहीं है
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