Thursday, June 23, 2016

अगर तुम मिल जाओ, ज़माना छोड़ देंगे हम

अगर तुम मिल जाओ, ज़माना छोड़ देंगे हम-2
तुम्हे पाकर ज़माने भर से, रिश्ता तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ, ज़माना छोड़ देंगे हम-2
बिना तेरे कोई दिलकश नज़ारा हम ना देखेंगे-2
तुम्हे ना हो पसंद उसको दोबारा हम ना देखेंगे
तेरी सूरत ना हो जिस में
तेरी सूरत ना हो जिसमें, वो शीशा तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ, ज़माना छोड़ देंगे हम
तेरे दिल में रहेंगे, तुझको अपना घर बना लेंगे-2
तेरे ख्वाबों को गहनो  की तरह खुद पर सजा लेंगे
कसम तेरी कसम
कसम तेरी कसम, तक़दीर का रुख़ मोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ, ज़माना छोड़ देंगे हम
तुम्हे हम अपने जिस्म-जान में कुछ ऐसे बसा लेंग2
तेरी खुशबू अपनी जिस्म की खुशबू बना लेंगे
खुदा से भी ना जो टूटे
खुदा से भी ना जो टूटे, वो रिश्ता जोड़ लेंगे हम
अगर तुम मिल जाओ, ज़माना छोड़ देंगे हम
तुम्हे पाकर ज़माने भर से, रिश्ता तोड़ देंगे हम
अगर तुम मिल जाओ, ज़माना छोड़ देंगे हम-2


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