Sunday, June 19, 2016

जवां हो यारों ये तुमको हुआ क्या अजी हमको देखो ज़रा

जवां हो यारों ये तुमको हुआ क्या अजी हमको देखो ज़रा
ये माना अभी हैं खाली हाथ
न होंगे सदा यही दिन रात
कभी तो बनेगी अपनी बात
अरे यारों मेरे प्यारों मेरी मानों हो दिलदारों
जवां हो यारों ...

मेहनत से मिले जो उससे गुज़ार दूजे के माल को ठोकर से मार
आयेगी इधर भी एक दिन बहार होगा ये ज़माना हमपे निसार
ये माना अभी हैं ...

इसको छूना नहीं है राम राम ये तो है पाप की गठरी तमाम
कब ये रुत बदल जाए किसको खबर
लग जाए हमें भी सोने के पर फिर ऐसे उड़ेंगे हम सब यार
गुलों से लदेगी मोटर कार हसीना होगी गले का हार
अरे यारों मेरे प्यारों ...


मुझे नींद न आए, मुझे चैन न आए

उ: मुझे नींद न आए, मुझे चैन न आए
   कोई जाए ज़रा ढूँढ के लाए
   न जाने कहाँ दिल खो गया
   न जाने कहाँ दिल खो गया
अ: मुझे नींद न आए, मुझे चैन न आए
   कोई जाए ज़रा ढूँढ के लाए
   न जाने कहाँ दिल खो गया
   न जाने कहाँ दिल खो गया

अ: हालत क्या है कैसे तुझे बताऊँ मैं
   करवट बदल\-बदल के रात बिताऊँ मैं
उ: (पूछो ज़रा पूछो क्या हाल है
   हाल मेरा बेहाल है)                      \-
   कोई समझ न पाए क्या रोग सताए
   कोई जाए ज़रा ढूँढ के लाए
   न जाने कहाँ ...

उ: जान से भी प्यारा मुझको मेरा दिल है
   उसके बिना एक पल भी जीना मुश्किल है
अ: (तौबा मेरी तौबा क्या दर्द है
   दर्द बड़ा बे\-दर्द है)                        \-
   कभी मुझको हँसाए, कभी मुझको रुलाए
   कोई जाए ज़रा ढूँढ के लाए
   न जाने कहाँ ...


खूबसूरत है वो इतना कि सहा नही जाता,

खूबसूरत है वो इतना कि सहा नही जाता,  
कैसे हम खूद को रोक ले रहा नही जाता,
चाँद में दाग है ये जानते है लेकीन,
रात भर देखे बिना उसको रहा नही जाता |

जो मेरा हो नही पायेगा इस जहा मे कभी,
रुह बनकर मिलूँगा उसको आसमा मे कभी,
प्यार धरती पर फरीश्तो से किया नही जाता,
खूबसूरत है वो इतना कि सहा नही जाता |

उन निगाहो मे मुहब्बत नही तो कहो और क्या है,
पर वो मुझ से ये कह रहा वो किसी और का है,
जरासा झूठ भी ढंग से कहा नही जाता,
खूबसूरत है वो इतना कि सहा नही जाता |

आँख मे कैद किया बैठा मै एक हसीन लम्हा,
जब मै इस नींद से जागूँगा तो दिल टूटेगा,
वो मुझे ख्वाब कोई क्यो दिखा नही जाता,
खूबसूरत है वो इतना कि सहा नही जाता |


Friday, June 17, 2016

तू जो हस हस के सनम मुझसे बात करती है

तू जो हस हस के सनम मुझसे बात करती है.. 
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है.. 
तेरी चाहत जो मेरे साथ साथ चलती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..

मैने एक बार नही बार बार देखा है,
तेरे हाथो मे मेरे प्यार की जो रेखा है..
मैने एक बार नही बार बार देखा है,
तेरे हाथो मे मेरे प्यार की जो रेखा है..
तेरी खुशबू मेरी सांसो मे जो महेकती है,
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..

मेरे हमदर्द तू समझा दे दिल दीवाने को,
हर भली चीज़ बुरी लगती है ज़माने को..
मेरे हमदर्द तू समझा दे दिल दीवाने को,
हर भली चीज़ बुरी लगती है ज़माने को..
मेरी राग राग मे वफ़ा बनके लहू बहती है..
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..

मै तेरे ख्वाब सजाता हू अपनी आंखो मे,
नाम आ जाता है तेरा मेरी हर बातो मे.. 

मै तेरे ख्वाब सजाता हू अपनी आंखो मे,
नाम आ जाता है तेरा मेरी हर बातो मे.. 
तेरी तारीफ़ मेरे लैब से जो निकलती है.. 
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..
तू जो हस हस के सनम मुझसे बात करती है 
तेरी चाहत जो मेरे साथ साथ चलती है
बस यही बात ज़माने को बुरी लगती है..

याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर

आजा………………आजा…………………………………………
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
आ गले लगा ले मैं तडपू अकेले, अब रात रात भर 
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
आजा………………आजा…………………………………………
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
आ गले लगा ले मैं तडपू अकेले, अब रात रात भर 
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
तेरे लिये मैंने, छोड दीया सबको 
तेरी मोहब्बत में, भूल गया रब को 
तेरे लिये मैंने, छोड दीया सबको 
तेरी मोहब्बत में, भूल गया रब को 
मुझको दुनीया मिल गई, तुझसे नाता जोड के 
जाऊंगा ना मैं कभी, तेरा आंचल छोड के 
आ गले लगा ले, मैं तडपू अकेले, अब रात रात भर 
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
सेज सजी अपनी मेहकी बहारों से 
मांग सजा दूं मैं, चांद सितारों से 
सेज सजी अपनी मेहकी बहारों से 
मांग सजा दूं मैं, चांद सितारों से 
पलकों की डोली सजी, बैठी सपनो की दुल्हन 
नीले अंबर के तले आज हूआ अपना मिलन 
आ गले लगा ले मैं तडपू अकेले, अब रात रात भर 
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
याद सताए तेरी नींद चुराए, मेरे दिल ना लगे दिलबर 
आजा आजा आजा आजा 

Thursday, June 16, 2016

मुसाफिर जाने वाले नहीं फिर आने वाले

अ.................................................
ओ................................................
मुसाफिर जाने वाले नहीं फिर आने वाले, चलो एक दुसरे को करे रब के हवाले-2
ओ................................................
बड़ी मुश्किल से दिल में अपने-2 लोग बसाते हैं कुछ सपने
ये सपने शीशे के खिलोने, टूट के बस लगते हैं रोने
दिलों पे छा जाते हैं ये बदल काले काले,
चलो एक दुसरे को करे रब के हवाले
मुसाफिर जाने वाले नहीं फिर आने वाले, चलो एक दुसरे को करे रब के हवाले
ओ................................................
दरिया दे पाणिया, ये मौजा फिर नहीं आणीया-2
याद आएगी, ओ याद आयेगी बस जाने वालों की कहानिया
ओ दरिया दे पाणिया, ये मौजा फिर नहीं आणीया
ओ................................................
ना जाने क्या छूट रहा है-2 ओ ना जाने क्या छूट रहा है
दिल में बस कुछ टूट रहा है, होटों पर नहीं कोई कहानी,
फिर भी आँख में आ गया पानी
नहीं हम भूलने वाले, नहीं तुम भूलने वाले
चलो एक दुसरे को करे रब के हवाले
मुसाफिर जाने वाले नहीं फिर आने वाले, चलो एक दुसरे को करे रब के हवाले