Monday, August 8, 2016

धरती सुनहरी अम्बर नीला हो

अम्बर हेठां  धरती वसदी  इथे हर रुत असदी  हो....
किन्ना सोनादेस है mera, देस है मेरादेस है मेरा....
किन्ना सोना देस है मेरादेस है मेरा
देस है मेरादेस है मेरा

धरती सुनहरी अम्बर नीला हो...
धरती सुनहरी अम्बर नीला हर मौसम रंगीला
ऐसा देस है मेराहो.... ऐसा देस है मेरा - २
बोले पपीहा कोयल गाये - २ सावन घिर के आये
ऐसा देस है मेराहो.... ऐसा देस है मेरा - २

ओह ... कोठे तेकान बोले आई चिठी मेरे माहिए दी..
विच आने दा वि न बोले आईचिठी मेरे माहिए दी..
गेंहू के खेतों में कंघी जो करे हवाएं
रंग बिरंगी कितनी चुनरियाँ उड़ उड़ जाएँ
पनघट पर पन्हारण जब गगरी भरने आये
मधुर mअधूर तानों में कहीं बंसी कोई बजायेलो सुन लो
क़दम क़दम पे  है मिल जानी - २ कोई प्रेम कहानी
ऐसा देस है मेराहो.... ऐसा देस है मेरा - २ 

ओह मेरी जुगनी दे धागे पक्के जुगनी ओस दे मूंह तोह फब्बे
जीनु सैट इश्क दी लग्गेओय सांई मेरेय ओह जुगनी
वीर मेरेया जुगनी केंदी एओह नाम साईं दा लेंदी ए
होय.
ओह दिल कद लिटा ई जींद मेरिये

बाप के कंधे चढ़ के जहां बच्चे देखे मेले
मेलों में नाच के तमाशेकुल्फी के चाट के ठेले
कहीं मिलती मीठी गोलीकहीं चूरन की है पुडिया
भोले भोले बच्चे हैं  जैसे गुड्डे और गुडिया
और इनको रोज़ सुनाये दादी नानी हो..
रोज़ सुनाये दादी नानीइक परियों की कहानी
ऐसा देस है मेराहो.... ऐसा देस है मेरा - २  

सड़के सड़के जांदी ए मुटियारे नि
कंडा चुबा तेरे पैर बांकिये नारे नि
ओयनि अदिये कंदा चुबा तेरे पैर बांकिये नारे नि
कौन कड़े तेरा कान्द्र मुटियारे नि
कौन सहे तेरी पेड बांकिये नारे नि
ओयनि अदिये कौन सहे तेरी पेड बांकिये नारे नि
हो...
मेरे देस में मेहमानों को भगवान् कहा जाता है
वोह यहीं का हो जाता हैजो कहीं से भी आता है
आ..
तेरे देस को मैंने देखा तेरे देस को मैंने जाना - २
जाने क्यूँ ये लगता है मुझको जाना पहचाना
यहाँ भी वहीँ शाम है वहीँ सवेरा ओह....
वही शाम है वहीँ सवेरा
ऐसा देस है मेराहो.... ऐसा देस है मेरा - २

ऐसा देस है मेराहो.... ऐसा देस है मेरा - २
ऐसा देस है मेरा हाँ .
वैसा देस है मेरा